Sanskrit

त्वमि॒मा वार्या॑ पु॒रु दिवो॑दासाय सुन्व॒ते । भ॒रद्वा॑जाय दा॒शुषे॑ ॥ (५)

Hindi

हे अग्नि! तुमने सोमरस निचोड़ने वाले दिवोदास को जिस प्रकार उत्तम धन अधिक मात्रा में दिए थे, उसी प्रकार हव्य देने वाले मुझ भरद्वाज को दो. (५)

English

O agni! Just as you gave more money to Divodas, who squeezed the Somras, give more money to me, so give it to me, who gives the haavya. (5)