Sanskrit
स सर्गे॑ण॒ शव॑सा त॒क्तो अत्यै॑र॒प इन्द्रो॑ दक्षिण॒तस्तु॑रा॒षाट् । इ॒त्था सृ॑जा॒ना अन॑पावृ॒दर्थं॑ दि॒वेदि॑वे विविषुरप्रमृ॒ष्यम् ॥ (५)
Hindi
हिंसकों को हराने वाले इंद्र सदा उद्यत बल के द्वारा नित्य चलने वाले तेज से मिलकर सूर्य के दक्षिणायन होने पर जल को स्वतंत्र करते हैं. इस प्रकार उत्पन्न जल कभी वापस न लीटने के लिए शांत समुद्र में प्रतिदिन मिलता है. (५)
English
Indra, who defeats the violent, always liberates the water when the sun is south-seated, with the constant fasting force. Thus the generated water is never rolled back to get into the calm sea daily. (5)
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