Sanskrit

सं वां॒ कर्म॑णा॒ समि॒षा हि॑नो॒मीन्द्रा॑विष्णू॒ अप॑सस्पा॒रे अ॒स्य । जु॒षेथां॑ य॒ज्ञं द्रवि॑णं च धत्त॒मरि॑ष्टैर्नः प॒थिभिः॑ पा॒रय॑न्ता ॥ (१)

Hindi

हे इंद्र एवं विष्णु! मैं तुम्हारे निमित्त स्तोत्र एवं हवि प्रदान करता हूं. इस उक्थ की समाप्ति पर तुम यज्ञ का सेवन करना. हमें उपद्रवरहित मार्ग पर पार ले जाने वाले तुम दोनों धन दो. (१)

English

O Indra and Vishnu! I offer you hymns and hymns. At the end of this uqth you consume the yajna. Give us both the money that you take us across on the path without disturbance. (1)