Sanskrit

त्वां विश्वे॑ अमृत॒ जाय॑मानं॒ शिशुं॒ न दे॒वा अ॒भि सं न॑वन्ते । तव॒ क्रतु॑भिरमृत॒त्वमा॑य॒न्वैश्वा॑नर॒ यत्पि॒त्रोरदी॑देः ॥ (४)

Hindi

हे दो अरणियों से पुत्र के समान उत्पन्न एवं मरणरहित अग्नि! सभी देव तुम्हारी स्तुति करते हैं. हे वैश्वानर! जब तुम धरती-आकाश के मध्य प्रकाशित होते हो, तब यजमान तुम्हारे यज्ञों के द्वारा अमर पद पाते हैं. (४)

English

O agni born like a son from two arrows and without death! All gods praise you. O global! When you are illuminated between the earth and the sky, the hosts attain immortal positions through your sacrifices. (4)