Sanskrit

यो वा॑मृ॒जवे॒ क्रम॑णाय रोदसी॒ मर्तो॑ द॒दाश॑ धिषणे॒ स सा॑धति । प्र प्र॒जाभि॑र्जायते॒ धर्म॑ण॒स्परि॑ यु॒वोः सि॒क्ता विषु॑रूपाणि॒ सव्र॑ता ॥ (३)

Hindi

हे सकल भुवन की निवास द्यावा-पृथ्वी! जो मनुष्य तुम्हारे सरल गमन के लिए हव्य देता है, वह अपनी कामनाएं पूर्ण करता है एवं पुत्र-पौत्रादि के द्वारा उन्नति करता है. कर्मो के ऊपर वर्तमान तुम्हारा वीर्य नानारूप धारण करता है. (३)

English

O the abode of The Gross Bhuvana- Earth! The man who gives a vow for your easy movement fulfills his desires and progresses through his son and grandson. Your semen present on top of the karmas takes on a pattern. (3)