Sanskrit
तम॒ग्निमस्ते॒ वस॑वो॒ न्यृ॑ण्वन्सुप्रति॒चक्ष॒मव॑से॒ कुत॑श्चित् । द॒क्षाय्यो॒ यो दम॒ आस॒ नित्यः॑ ॥ (२)
Hindi
जो अग्नि घर में पूजनीय एवं नित्य थे, उन्हीं शोभनदर्शन वाले अग्नि को सभी भयों से बचाने के लिए वसिष्ठ पुत्रों ने घर में रखा. (२)
English
Vasishtha sons kept the agni which was revered and regular in the house to save the agni from all fears. (2)
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