Sanskrit

अग॑न्म म॒हा नम॑सा॒ यवि॑ष्ठं॒ यो दी॒दाय॒ समि॑द्धः॒ स्वे दु॑रो॒णे । चि॒त्रभा॑नुं॒ रोद॑सी अ॒न्तरु॒र्वी स्वा॑हुतं वि॒श्वतः॑ प्र॒त्यञ्च॑म् ॥ (१)

Hindi

अतिशय युवा, अपने घर में प्रज्वलित होकर दीप्त होने वाले, विस्तृत द्यावा-पृथिवी के मध्य में स्थित, विचित्र ज्वाला वाले, भली प्रकार बुलाए गए एवं सब जगह गतिशील अग्नि के समीप हम नमस्कार के साथ गमन करते हैं. (१)

English

Very young people, who are ignited in their homes, in the middle of the wide-ranging light-earth, with strange flames, well-called and near the moving agni everywhere, we walk with salutations. (1)