Sanskrit

दे॒वो वो॑ द्रविणो॒दाः पू॒र्णां वि॑वष्ट्या॒सिच॑म् । उद्वा॑ सि॒ञ्चध्व॒मुप॑ वा पृणध्व॒मादिद्वो॑ दे॒व ओ॑हते ॥ (११)

Hindi

हे यजमान! धन देने वाले अग्नि देव तुम्हारे हव्य से भरे हुए खुच की इच्छा करते हैं. तुम सोमरस से पात्र भरो और सोमरस का दान करो. इसके बाद अग्नि देव तुम्हें धारण करेंगे. (११)

English

O host! Agni Dev, who gives money, wishes for a khuch full of your desire. Fill the vessel with Somerus and donate Someras. After this, Agni Dev will wear you. (11)