Sanskrit
वि स॒द्यो विश्वा॑ दृंहि॒तान्ये॑षा॒मिन्द्रः॒ पुरः॒ सह॑सा स॒प्त द॑र्दः । व्यान॑वस्य॒ तृत्स॑वे॒ गयं॑ भा॒ग्जेष्म॑ पू॒रुं वि॒दथे॑ मृ॒ध्रवा॑चम् ॥ (१३)
Hindi
इंद्र ने श्रुत आदि की समस्त दृढ़ नगरियों एवं सात प्रकार के रक्षासाधनों को बल द्वारा नष्ट कर दिया था तथा अनु के पुत्र का धन तृत्सु को दे दिया था. हे इंद्र! हम युद्ध में कठोरवचन वाले शत्रु को जीत सकें. (१३)
English
Indra had destroyed all the fortified cities of Shrut etc. and seven types of defence by force and gave the wealth of Anu's son to Tritsu. O Indra! We can conquer the harsh-rooted enemy in battle. (13)
Shlok 1 of 1