Sanskrit
राजे॑व॒ हि जनि॑भिः॒ क्षेष्ये॒वाव॒ द्युभि॑र॒भि वि॒दुष्क॒विः सन् । पि॒शा गिरो॑ मघव॒न्गोभि॒रश्वै॑स्त्वाय॒तः शि॑शीहि रा॒ये अ॒स्मान् ॥ (२)
Hindi
हे इंद्र! तुम अपनी पत्नियों के साथ राजा के समान शोभा पाते हो. हे विद्वान् एवं कवि इंद्र! स्तोताओं को स्वर्ण आदि धन, गायों एवं अश्चों से सभी प्रकार संपन्न बनाओ. हम तुम्हारे अभिलाषी हैं. तुम धनप्राप्ति के लिए हमारा संस्कार करो. (२)
English
O Indra! You are as gracious as a king with your wives. O scholar and poet Indra! Make the hymns rich in all manner with wealth, cows and ashes like gold etc. We are your desire. You do our rites for the sake of wealth. (2)
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