Sanskrit
बोधा॒ सु मे॑ मघव॒न्वाच॒मेमां यां ते॒ वसि॑ष्ठो॒ अर्च॑ति॒ प्रश॑स्तिम् । इ॒मा ब्रह्म॑ सध॒मादे॑ जुषस्व ॥ (३)
Hindi
हे धनस्वामी इंद्र! मैं वसिष्ठ तुम्हारी प्रशंसा के रूप में जो बातें कहता हूं, उन्हें भली प्रकार समझो एवं यज्ञ में उन्हें स्वीकार करो. (३)
English
O Dhanaswami Indra! Understand well the things that I say as praises to you and accept them in the yajna. (3)
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