Sanskrit

सेदु॒ग्रो अ॑स्तु मरुतः॒ स शु॒ष्मी यं मर्त्यं॑ पृषदश्वा॒ अवा॑थ । उ॒तेम॒ग्निः सर॑स्वती जु॒नन्ति॒ न तस्य॑ रा॒यः प॑र्ये॒तास्ति॑ ॥ (३)

Hindi

हे हरिणरूप वाहनसाधनों वाले मरुतो! तुम जिस मनुष्य की रक्षा करते हो, वह उग्र एवं बलवान्‌ हो. अग्नि, सरस्वती आदि देवगण जिस यजमान को यज्ञ की प्रेरणा देते हैं, उसके धन का कोई बाधक नहीं है. (३)

English

O Maruto of the deer vehicles! The man you protect is fierce and strong. There is no barrier to the wealth of the host to whom the gods like Agni, Saraswati, etc., inspire the yagna. (3)