Sanskrit

तद॒द्या चि॑त्त उ॒क्थिनोऽनु॑ ष्टुवन्ति पू॒र्वथा॑ । वृष॑पत्नीर॒पो ज॑या दि॒वेदि॑वे ॥ (६)

Hindi

हे इंद्र! स्तोता पहले के समान आज भी तुम्हारी स्तुति करते हैं. तुम उस जल को प्रतिदिन स्वायत्त करो, जिसके स्वामी बादल हैं. (६)

English

O Indra! The Psalms praise you even today, as before. You autonomous every day the water whose owner is the clouds. (6)