Sanskrit
समित्तम॒घम॑श्नवद्दुः॒शंसं॒ मर्त्यं॑ रि॒पुम् । यो अ॑स्म॒त्रा दु॒र्हणा॑वा॒ँ उप॑ द्व॒युः ॥ (१४)
Hindi
उस अपकीर्ति वाले शन्रु-मनुष्य को पाप व्याप्त करे जो दुष्टतापूर्वक हमें मारना चाहता है एवं हमारे आगेपीछे दो प्रकार का व्यवहार करता है. (१४)
English
Spread sin to the undeserved man who wants to kill us wickedly and does two kinds of behaviors behind us. (14)
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