Sanskrit

विप्र॑स्य वा स्तुव॒तः स॑हसो यहो म॒क्षूत॑मस्य रा॒तिषु॑ । अ॒वोदे॑वमु॒परि॑मर्त्यं कृधि॒ वसो॑ विवि॒दुषो॒ वचः॑ ॥ (१२)

Hindi

हे बल से युक्त एवं निवासस्थान देने वाले अग्नि! बुद्धिमान्‌ स्तोता के हव्यदान में यज्ञकर्ता का वचन देवों के नीचे एवं मानवों के ऊपर करो. (१२)

English

O agni with force and giving abode! In the salutationof the wise hymn, make the word of the yajnakar under the gods and upon the human beings. (12)