Sanskrit
यदी॑ घृ॒तेभि॒राहु॑तो॒ वाशी॑म॒ग्निर्भर॑त॒ उच्चाव॑ च । असु॑र इव नि॒र्णिज॑म् ॥ (२३)
Hindi
घृत के द्वारा बुलाए हुए अग्नि जिस समय ऊपर तथा नीचे शब्द करते हैं, उस समय वे शक्तिशाली सूर्य के समान अपना रूप प्रकाशित करते हैं. (२३)
English
The agnis called by the abrasives, at the time when they make words up and down, they reveal their form like the mighty sun. (23)
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