Sanskrit

उपो॒ हरी॑णां॒ पतिं॒ दक्षं॑ पृ॒ञ्चन्त॑मब्रवम् । नू॒नं श्रु॑धि स्तुव॒तो अ॒श्व्यस्य॑ ॥ (१४)

Hindi

मैं हरि नामक अश्चों के स्वामी एवं अपना बल दूसरों को देने वाले इंद्र की स्तुति करता हूं. मैं व्यश्च ऋषि का पुत्र हूं. मेरी स्तुति सुनो. (१४)

English

I praise Indra, the master of ashas called Hari, and who gave his strength to others. I am the son of a sage. Listen to my praise. (14)