Sanskrit
आ प॒शुं गा॑सि पृथि॒वीं वन॒स्पती॑नु॒षासा॒ नक्त॒मोष॑धीः । विश्वे॑ च नो वसवो विश्ववेदसो धी॒नां भू॑त प्रावि॒तारः॑ ॥ (२)
Hindi
हे अग्नि! तुम रात तथा दिन में हमारे यज्ञ के पशु, यज्ञभूमि, वनस्पति एवं ओषधियों के समीप आते हो. हे निवासस्थान देने वाले विश्वेदेव! तुम हमारे यज्ञ कर्मो के रक्षक बनो. (२)
English
O agni! You come close to our sacrificial animals, yajnabhoomi, vanaspati and herbs by night and day. O Visves who give the abode! You be the protector of our sacrificial deeds. (2)
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