Sanskrit
प्रति॑ प्राश॒व्या॑ँ इतः स॒म्यञ्चा॑ ब॒र्हिरा॑शाते । न ता वाजे॑षु वायतः ॥ (६)
Hindi
वे भोजन के योग्य अन्न देवों से प्राप्त करते हैं, मिलकर यज्ञ के कुशों पर बैठते हैं एवं किसी के पास अन्न मांगने नहीं जाते. (६)
English
They get food from the gods, sit together on the kushas of yajna and do not go to anyone to ask for food. (6)
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