Sanskrit
तवेदु॒ ताः सु॑की॒र्तयोऽस॑न्नु॒त प्रश॑स्तयः । यदि॑न्द्र मृ॒ळया॑सि नः ॥ (३३)
Hindi
हे इंद्र! जिनके द्वारा तुम हमें सुखी करते हो, वे शोभन प्रसिद्धियां एवं स्तुतियां तुम्हारी ही रहें. (३३)
English
O Indra! By which you make us happy, let the fames and praises be yours. (33)
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