Sanskrit

पा॒हि नो॑ अग्न॒ एक॑या पा॒ह्यु१॒॑त द्वि॒तीय॑या । पा॒हि गी॒र्भिस्ति॒सृभि॑रूर्जां पते पा॒हि च॑त॒सृभि॑र्वसो ॥ (९)

Hindi

हे शक्ति के स्वामी एवं निवासस्थान देने वाले अग्नि! पहली, दूसरी, तीसरी एवं चौथी ऋचा से प्रसन्न होकर हमारी रक्षा करो. (९)

English

O Lord of Power and The Giver of Dwelling Fire! Protect us by being happy with the first, second, third and fourth richa. (9)