Sanskrit

अहं प्रत्नेन मन्मना गिरः शुम्भामि कण्ववत्‌. येनेन्द्रः शुष्ममिद्दधे. (११)

Hindi

मैं अपने पिता कण्व के समान वेदरूप स्तोत्र से अपनी वाणी को अलंकृत करता हूं. इस स्तोत्र द्वारा इंद्र बल धारण करते हैं. (११)

English

I embellish my voice with the Vedarup hymn like my father Kanva. By this hymn indra holds the force. (11)