Sanskrit
ओजस्तदस्य तित्विष उभे यत्समवर्तयत्. इन्द्रश्चर्मेव रोदसी.. (५)
Hindi
इंद्र जिस शक्ति द्वारा द्यावा-पृथिवी को चमड़े के समान लपेटकर रखते हैं, वह शक्ति स्पष्ट है. (५)
English
The power by which Indra keeps the dyava-prithvivi wrapped like leather is evident. (5)
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