Sanskrit

कस्य॑ नू॒नं परी॑णसो॒ धियो॑ जिन्वसि दम्पते । गोषा॑ता॒ यस्य॑ ते॒ गिरः॑ ॥ (७)

Hindi

हे गार्हपत्य अग्नि! तुम इस समय किसके विचित्र यज्ञकर्मो से प्रसन्न होते हो? तुम्हारी स्तुतियां गायों का लाभ कराने वाली होती हैं. (७)

English

O garhapatya agni! Whose strange sacrifices do you rejoice at this time? Your praises are beneficial to the cows. (7)