Sanskrit
अनु॑ ते॒ शुष्मं॑ तु॒रय॑न्तमीयतुः क्षो॒णी शिशुं॒ न मा॒तरा॑ । विश्वा॑स्ते॒ स्पृधः॑ श्नथयन्त म॒न्यवे॑ वृ॒त्रं यदि॑न्द्र॒ तूर्व॑सि ॥ (६)
Hindi
हे इंद्र! जिस प्रकार माता पुत्र के पीछे चलती है, उसी प्रकार द्यावा-पृथिवी तुम्हारी शत्रुनाशक बल के पीछे चलती हैं. हे इंद्र! जब तुम वृत्र का वध करते हो, तब तुम्हारे क्रोध को देखकर सभी सेनाएं छिन्न होती हैं. (६)
English
O Indra! Just as the mother follows the son, so the dyava-prithvivi follows your enemy-destroying force. O Indra! When you kill Vrittar, all armies are shattered when you see your anger. (6)
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