Sanskrit
यातं छर्दिष्पा उत नः परस्पा भूतं जगत्पा उत नस्तनूपा. वर्तिस्तोकाय तनयाय यातम्.. (११)
Hindi
हे अश्विनीकुमार! तुम गृहपालक के रूप में आओ और हमारे लिए अत्यंत पुष्टिकर्ता बनो. तुम हमारे संसार तथा हमारे शरीर के पालनकर्ता बनो. तुम हमारे पुत्रों और पौत्रों के घरों में आओ. (११)
English
O Ashwinikumar! You come as homeowner and be the utmost confirmatory to us. Be the guardian of our world and our body. You come to the houses of our sons and grandsons. (11)
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