Sanskrit
यदापीतासो अंशवो गावो न दुह ऊधभिः. यद्वा वाणीरनूषत प्र देवयन्तो अश्विना. (१९)
Hindi
हे अश्विनीकुमारो! जिस समय पीले रंग की सोमलता को गाय के थन की तरह निचोड़ा जाता है एवं देवों को चाहने वाले लोग स्तुति करते हैं, उस समय हमारी रक्षा करो. (१९)
English
O Ashwinikumaro! Protect us at the time when the yellow somalaya is squeezed like a cow's trunk and those who love the gods praise us. (19)
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