Sanskrit
इन्दु॒रिन्द्रा॑य पवत॒ इति॑ दे॒वासो॑ अब्रुवन् । वा॒चस्पति॑र्मखस्यते॒ विश्व॒स्येशा॑न॒ ओज॑सा ॥ (५)
Hindi
देवों ने ऐसा कहा है कि सोम इंद्र के लिए टपकते हैं. स्तुतियों के पालक एवं शक्ति द्वारा संसार के स्वामी सोम स्तुतियों द्वारा पूजा की इच्छा करते हैं. (५)
English
The devas have said that soo drips for Indra. The lord of the world desires to worship by som stutis by the guardians and shakti of the hymns. (5)
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