Sanskrit

दि॒वो न सानु॑ पि॒प्युषी॒ धारा॑ सु॒तस्य॑ वे॒धसः॑ । वृथा॑ प॒वित्रे॑ अर्षति ॥ (७)

Hindi

जिस प्रकार अंतरिक्ष से जल नीचे बरसता है, उसी प्रकार शक्तिदाता सोम की तृप्त करने वाली धाराएं दशापवित्र पर जाती हैं. (७)

English

Just as water flows down from space, so do the satiating streams of shaktidata soma go to dashapavitra. (7)