Sanskrit

ए॒ष दिवं॒ व्यास॑रत्ति॒रो रजां॒स्यस्पृ॑तः । पव॑मानः स्वध्व॒रः ॥ (८)

Hindi

शोभन यज्ञ वाले एवं अपराजित पवमान सोम सभी लोकों को तिरस्कृत करते हुए स्वर्ग को जाते हैं. (८)

English

Shobhan Yajnawale and Aparajit Pavman Som goes to heaven despising all the people. (8)