Sanskrit
ब॒र्हिः प्रा॒चीन॒मोज॑सा॒ पव॑मानः स्तृ॒णन्हरिः॑ । दे॒वेषु॑ दे॒व ई॑यते ॥ (४)
Hindi
हरे रंग के एवं दीप्तिशाली सोम यज्ञां में पूर्व की ओर कुश बिछाते हुए अपने तेजरूपी बल से जाते हैं. (४)
English
The green and glistening Som goes with his sharp force, laying kush towards the east in the yajnas. (4)
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