Sanskrit

ते विश्वा॑ दा॒शुषे॒ वसु॒ सोमा॑ दि॒व्यानि॒ पार्थि॑वा । पव॑न्ता॒मान्तरि॑क्ष्या ॥ (६)

Hindi

वे सोम हव्य देने वाले यजमान के लिए द्युलोक, धरती एवं अंतरिक्ष में उत्पन्न सभी धन बरसावें. (६)

English

They should shower all the wealth generated in dulok, earth and space for the host who gives the som havya. (6)