Sanskrit

स म॑र्मृजा॒न आ॒युभिः॒ प्रय॑स्वा॒न्प्रय॑से हि॒तः । इन्दु॒रत्यो॑ विचक्ष॒णः ॥ (२३)

Hindi

मनुष्यों द्वारा बार-बार निचोड़े जाते हुए अन्न के स्वामी, यजमान के लिए हितैषी एवं सबके द्रष्टा सोम देवों के समीप सदा जाते है. (२३)

English

The lord of the food, who is repeatedly squeezed by human beings, friendly to the host and the seer of all, always goes to the Soma Devas. (23)