Sanskrit
आ मि॒त्रावरु॑णा॒ भगं॒ मध्वः॑ पवन्त ऊ॒र्मयः॑ । वि॒दा॒ना अ॑स्य॒ शक्म॑भिः ॥ (८)
Hindi
जिन यजमानों के सोमरस की लहरें मित्र, वरुण एवं भगदेव की ओर गिरती हैं, वे सोम को जानते हुए सुखों से मिलते हैं. (८)
English
The hosts whose waves of somras fall towards the friends, Varuna and Bhagadeva, meet the pleasures of knowing Soma. (8)
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