Sanskrit
जा॒येव॒ पत्या॒वधि॒ शेव॑ मंहसे॒ पज्रा॑या गर्भ शृणु॒हि ब्रवी॑मि ते । अ॒न्तर्वाणी॑षु॒ प्र च॑रा॒ सु जी॒वसे॑ऽनि॒न्द्यो वृ॒जने॑ सोम जागृहि ॥ (४)
Hindi
हे धरती के पुत्र सोम! मैं जो स्तुतियां बोलता हूं, उन्हें सुनो. पत्नी जैसे अपने पति को सुख देती है, उसी प्रकार तुम यजमान को सुख देते हो. तुम हमारे जीवन के लिए हमारी स्तुतियों के मध्य गतिशील बनो. हे स्तुति योग्य सोम! तुम हमारे शक्तिशाली शत्रुओं के प्रति सावधान रहना. (४)
English
O son of the earth, Mon! Listen to the praises I speak. Just as a wife gives happiness to her husband, so you give happiness to the host. You become dynamic among our praises for our lives. O praise worthy Mon! You beware of our powerful enemies. (4)
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