Sanskrit
यो विश्वा दयते वसु होता मन्द्रो जनानाम् । मधोर्न पात्रा प्रथमान्यस्मै प्र स्तोमा यन्त्वग्नये ॥ (१०)
Hindi
यजमानों को सब प्रकार की समृद्धि दे कर आनंदित करने वाले अग्नि की हम पहले स्तुति करते हैं, जैसे उन्हें सब से पहले सोमरस का पात्र समर्पित किया जाता है. (१०)
English
We first praise the agni that gives all kinds of prosperity to the hosts, just as they are dedicated the character of Someras first of all. (10)
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