1.7.9Samved
मंत्र:१.७.९ (1.7.9)खंड (७)
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प्र केतुना बृहता यात्यग्निरा रोदसी वृषभो रोरवीति । दिवश्चिदन्तादुपमामुदानडपामुपस्थे महिषो ववर्ध ॥ (९)
हे अग्नि! आप महान प्रकाश के साथ प्रकट होते हैं. स्वर्गलोक और पृथ्वीलोक में बलवान हो कर गर्जना करते हैं. बिजली के गर्जन और जल मेघों के बीच बढ़ते हैं. (९)
O agni! You appear with great light. They roar strong in heaven and earth. Lightning roars and water rise between clouds. (9)