1.9.10Samved
मंत्र:१.९.१० (1.9.10)खंड (९)
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जातः परेण धर्मणा यत्सवृद्भिः सहाभुवः । पिता यत्कश्यपस्याग्निः श्रद्धा माता मनुः कविः ॥ (१०)
हे अग्नि! कश्यप आप के पिता और श्रद्धा माता हैं. मनु कवि हैं. आप श्रेष्ठ कर्मो द्वारा शुरू किए गए यज्ञ में प्रकट होते हैं. (१०)
O agni! Kashyap is your father and Shraddha mata. Manu is a poet. You appear in the yajna initiated by the best deeds. (10)