2.5.10Samved
मंत्र:२.५.१० (2.5.10)खंड (५)

Shlok 1 of 1

मंत्र:२.५.१० (2.5.10)खंड (५)

आ त्वेता नि षीदतेन्द्रमभि प्र गायत । सखायः स्तोमवाहसः ॥ (१०)

हे यज्ञ करने वाले मित्रो! आप जल्दीजल्दी आओ. आ कर बैठ जाओ. आप हर प्रकार से इंद्र की स्तुति करो. (१०)

O friends who perform yajna! You come soon. Come and sit down. Praise Indra in every way. (10)