2.7.9Samved
मंत्र:२.७.९ (2.7.9)खंड (७)
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अयमु ते समतसि कपोत इव गर्भधिम् । वचस्तच्चिन्न ओहसे ॥ (९)
हे इंद्र! सोमरस के पास आप उसी तरह बराबर बने रहते हैं, जिस तरह गर्भवती कबूतरी के साथ कबूतर बना रहता है. आप से निवेदन है कि आप भी हमारी स्तुतियों के साथ बने रहें. (९)
O Indra! Near Someras, you remain equal in the same way as a pigeon remains with a pregnant pigeon. You are also requested to stay with our praises. (9)