Sanskrit

निष॑साद धृ॒तव्र॑तो॒ वरु॑णः प॒स्त्यास्वा। साम्रा॑ज्याय सु॒क्रतुः॑ ॥ (२७)

Hindi

यजमान व्रतधारी हैं और वह अनिष्ट दूर करने में संलग्न हैं. यजमान श्रेष्ठ राज्य प्राप्ति हेतु इस सुयज्ञ को कर रहे हैं. वे प्रजापालक बनें. (२७)

English

The host is fasting and he is engaged in removing evil. The host is doing this suyagya to attain the best kingdom. They should become prajapalaks. (27)