Sanskrit

क॒न्याऽइव वह॒तुमेत॒वा उ॑ऽअ॒ञ्ज्यञ्जा॒नाऽअ॒भि चा॑कशीमि। यत्र॒ सोमः॑ सू॒यते॒ यत्र॑ य॒ज्ञो घृ॒तस्य॒ धारा॑ऽअ॒भि तत्प॑वन्ते ॥ (९७)

Hindi

जैसे सुंदर कन्या रूप बहन करती हुई स्वयंवर में वर के पास पहुंचती है, बैसे ही जहां सोमरस निचोड़ा जाता है, यज्ञ किया जाता है, वहां घी की धाराएं जाती हैं. (९७)

English

Just as the beautiful girl reaches the groom in the swayamvar, where someras is squeezed, yagna is performed, streams of ghee go there. (97)