Sanskrit

यस्ते॒ रसः॒ सम्भृ॑त॒ऽओष॑धीषु॒ सोम॑स्य शुष्मः॒ सुर॑या सु॒तस्य॑। तेन॑ जिन्व॒ यज॑मानं॒ मदे॑न॒ सर॑स्वतीम॒श्विना॒विन्द्र॑म॒ग्निम् ॥ (३३)

Hindi

ओषधियों में जो इकट्ठा किया गया सोम का रस है, वह तीक्ष्ण और सारवान है. उस सोम रस से यजमान को सरस्वती देवी, अश्‍्चिनीकुमारों व अग्नि को आनंदित करना चाहिए. (३३)

English

The juice of soma collected in medicines is sharp and essenceful. With that som rasa, the host should make Saraswati Devi, Ashchini kumaras and Agni happy. (33)