20.57Yajurved
Sanskrit
इन्द्रा॒येन्दु॒ꣳ सर॑स्वती॒ नरा॒शꣳसे॑न न॒ग्नहु॑म्।अधा॑ताम॒श्विना॒ मधु॑ भेष॒जं भि॒षजा॑ सु॒ते ॥ (५७)
Hindi
यजमान ने सोमरस तैयार किया. देवी सरस्वती ने उस को महान् ओषधि से युक्त बनाया. वैद्य अश््विनीकुमारों ने ओषध स्वरूप उस को धारण किया. (५७)
English
The host prepared somers. Goddess Saraswati made him full of great medicines. Vaidya Ashwinikumars wore him as a medicine. (57)
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