33.50Yajurved
Sanskrit
अ॒स्मे रु॒द्रा मे॒हना॒ पर्व॑तासो वृत्र॒हत्ये॒ भर॑हूतौ स॒जोषाः॑। यः शꣳस॑ते स्तुव॒ते धायि॑ प॒ज्रऽइन्द्र॑ज्येष्ठाऽअ॒स्माँ२ऽअ॑वन्तु दे॒वाः ॥ (५०)
Hindi
यजमान हेतु मेह (वर्षा) बरसाने वाले, वृत्रासुर का नाश करने वाले, शत्रुओं को रूलाने वाले, पर्वतवासी इंद्र देव हमारा भरणपोषण व हमारी रक्षा करने की कृपा करं. इंद्र देव वरिष्ठ हैं. उन की हम स्तुति करते हैं. उन की हम उपासना करते हैं. वे हमारी रक्षा करने की कृपा करें. (५०)
English
May Indra Dev, the one who showers meh (rain) for the host, who destroys Vritrasura, who makes enemies cry, bless us and protect us. Indra Dev is a senior. We praise them. We worship them. May they please protect us. (50)
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