Sanskrit

उ॒रु वि॑ष्णो॒ विक्र॑मस्वो॒रु क्षया॑य नस्कृधि। घृतं घृ॑तयोने पिब॒ प्रप्र॑ य॒ज्ञप॑तिं तिर॒ स्वाहा॑ ॥ (३८)

Hindi

अग्नि व्यापक, बलशाली व शत्रुनाशी हैं. वे मनुष्य को पराक्रमी बनाएं. वे घृत योनि हैं. वे घृत पीने व यजमान की बढ़ोतरी करने की कृपा करें. (३८)

English

Fire is widespread, powerful and hostile. They should make man mighty. They are disgusting vaginas. Please drink a lot and increase the host. (38)