Sanskrit

यस्मा॒न्न जा॒तः परो॑ऽअ॒न्योऽअस्ति॒ यऽआ॑वि॒वेश॒ भुव॑नानि॒ विश्वा॑। प्र॒जाप॑तिः प्र॒जया॑ सꣳररा॒णस्त्रीणि॒ ज्योती॑षि सचते॒ स षो॑ड॒शी ॥ (३६)

Hindi

इंद्र देव से परम श्रेष्ठ और कोई देव नहीं है. वे सभी लोकों में व्यापक हैं. प्रजापति प्रजा के साथ रमण करते हैं. वे सोलह कलाओं बाले हैं. तीनों ज्योतियों को अपने में धारे हुए हैं. (३६)

English

There is no god superior to Indra Dev. They are widespread in all worlds. Prajapati does raman with the people. They are sixteen arts. All three lights are held in themselves. (36)