10.4.6Atharvaved
मंत्र:१०.४.६ (10.4.6)सूक्त (४)

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मंत्र:१०.४.६ (10.4.6)सूक्त (४)

पैद्व॒ प्रेहि॑ प्रथ॒मोऽनु॑ त्वा व॒यमेम॑सि । अही॒न्व्यस्यतात्प॒थो येन॑ स्मा व॒यमे॒मसि॑ ॥ (६)

हे पैद्व! तुम सर्वश्रेष्ठ हो. हम तुम्हारी प्रार्थना करते हैं. तुम यहां आओ. हम जिस मार्ग से आतेजाते हैं, तुम उस मार्ग से सर्पो को दूर भगा दो. (६)

O paidva! You're the best. We pray to you. You come here. Drive away the serpents from the path we go by. (6)