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यमब॑ध्ना॒द्बृह॒स्पति॑र्म॒णिं फालं॑ घृत॒श्चुत॑मु॒ग्रं ख॑दि॒रमोज॑से । तमिन्द्रः॒ प्रत्य॑मुञ्च॒तौज॑से वी॒र्याय॒ कम् । सो अ॑स्मै॒ बल॒मिद्दु॑हे॒ भूयो॑भूयः॒ श्वःश्व॒स्तेन॒ त्वं द्वि॑ष॒तो ज॑हि ॥ (७)
यह मणि फाल से उत्पन्न, घृत टपकाने वाली, बल युक्त एवं खदिर अर्थात् खैर वृक्ष की लकड़ी से बनी है. बृहस्पति ने बल प्राप्ति के लिए इसे बांधा था. इंद्र ने बल, वीर्य और सुख प्रदान करने हेतु इस मणि को मुझे दिया है. हे यजमान! यह मणि बारबार और प्रतिदिन तुझे बल प्रदान करे. उस बल की सहायता से तू शत्रुओं का विनाश करे. (७)
This gem is made of fall, dripping, strong and made of khadir i.e. khair tree wood. Jupiter tied it to get strength. Indra has given me this gem to give strength, semen and happiness. O host! May this gem give you strength again and again and every day. With the help of that force, you destroy the enemies. (7)