13.1.14Atharvaved
Sanskrit
रोहि॑तो य॒ज्ञं व्यदधाद्वि॒श्वक॑र्मणे॒ तस्मा॒त्तेजां॒स्युप॑ मे॒मान्यागुः॑ । वो॒चेयं॑ ते॒ नाभिं॒ भुव॑न॒स्याधि॑ म॒ज्मनि॑ ॥ (१४)
Hindi
सूर्य ने विश्वकर्मा के लिए यज्ञ का पोषण किया. उस यज्ञ के द्वारा मुझे वह तेज प्राप्त हो रहा है. मैं तुम्हारी नाभि को लोक की मज्जा पर स्वीकार करता हूं. (१४)
English
Surya nurtured yajna for Vishwakarma. Through that yajna, I am getting that glory. I accept your navel on the marrow of the folk. (14)
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